कविकुलकुमुदकविकेशवदासप्रणीत रसिकप्रिया : कवीश्वरसरदारकृतसुखविलासिकाटीकासहित : जिसमें शृंगार, हास्य, करुणा, रौद्र, वीर, भयानक, बीभत्स, अद्भुतादि नवोंरसोंमें सुरस नायक-नायका भेद अलंकार और उदाहरण सहित विस्तारपूर्वक वर्णित हैं
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कविकुलकुमुदकविकेशवदासप्रणीत रसिकप्रिया : कवीश्वरसरदारकृतसुखविलासिकाटीकासहित : जिसमें शृंगार, हास्य, करुणा, रौद्र, वीर, भयानक, बीभत्स, अद्भुतादि नवोंरसोंमें सुरस नायक-नायका भेद अलंकार और उदाहरण सहित विस्तारपूर्वक वर्णित हैं
"श्रीवेङ्कटेश्वर" (स्टीम्) प्रेस, 1971 [1914 or 1915]
- タイトル別名
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Rasikapriya
कवि कुलकुमुद कवि केशवदास प्रणीत रसिकप्रिया : कवीश्वर सरदार कृत सुख विलासिकाटीका सहित : जिस में शृंगार, हास्य, करुणा, रौद्र, वीर, भयानक, बीभत्स, अद्भुतादि नवों रसों में सुरस नायक-नायका भेद अलंकार और उदाहरण सहित विस्तारपूर्वक वर्णित हैं
- タイトル読み
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कवि कुलकुमुद कवि केशवदास प्रणीत रसिकप्रिया : कवीश्वर सरदार कृत सुख विलासिकाटीका सहित : जिस में शृंगार, हास्य, करुणा, रौद्र, वीर, भयानक, बीभत्स, अद्भुतादि नवों रसों में सुरस नायक-नायका भेद अलंकार और उदाहरण सहित विस्तारपूर्वक वर्णित हैं
Kavikulakumudakavikeśavadāsapraṇīta rasikapriyā : Kavīśvarasaradārakr̥tasukhavilāsikāṭīkāsahita : jisameṃ śr̥ṅgāra, hāsya, karuṇā, raudra, vīra, bhayānaka, bībhatsa, adbhutādi navoṃrasommeṃ surasa nāyaka-nāyakā bheda alaṅkāra aura udāharaṇa sahita vistārapūrvaka varṇita haiṃ
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Text in Braj, with Hindi commentary