रघुवंशमहाकाव्यम् : महोपाध्याय-मल्लिनाथविरचित "सञ्जीविनी" व्याख्या विभूषित "इन्दुमती" संस्कृत-हिन्दीव्याख्या-व्युत्पत्ति-कोश-पर्यालोचनादिविभूषितम्
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रघुवंशमहाकाव्यम् : महोपाध्याय-मल्लिनाथविरचित "सञ्जीविनी" व्याख्या विभूषित "इन्दुमती" संस्कृत-हिन्दीव्याख्या-व्युत्पत्ति-कोश-पर्यालोचनादिविभूषितम्
(हरिदास-संस्कृत-ग्रन्थमाला, 297)
चौखम्बा संस्कृत सीरीज आफिस, 1976-
1. संस्करण
- 3. सर्गः
- 4. सर्गः
- 5. सर्गः
- 6-7. सर्गात्मकः
- タイトル別名
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रघु वंश महा काव्यम् : महोपाध्याय मल्लिनाथ विरचित "सञ्जीविनी" व्याख्या विभूषित "इन्दुमती" संस्कृत हिन्दी व्याख्या व्युत्पत्ति कोश पर्यालोचन आदि विभूषितम्
रघुवंशमहाकाव्यम् : मल्लिनाथी-इन्दुमती-व्याख्याद्वयोपेतम् : पर्यालोचनात्मक-प्रश्नोत्तरसहितं
रघु वंश महा काव्यम् : मल्लिनाथी इन्दुमती व्याख्या द्वय उपेतम् : पर्यालोचन आत्मक प्रश्न उत्तर सहितम्
रघुवंशमहाकाव्यम् : महोपाध्यायश्रीमल्लिनाथविरचित-"सञ्जीविनी" सहित "हरिप्रिया" संस्कृत-हिन्दी-व्याख्योपेतम्
रघु वंश महा काव्यम् : महोपाध्याय श्री मल्लिनाथ विरचित "सञ्जीविनी" सहित "हरि प्रिया" संस्कृत हिन्दी व्याख्यया उपेतम्
रघुवंशमहाकाव्यम् : मल्लिनाथी टीका सहित "हरिप्रिया" व्याख्योपेतम्
Raghuvaṃśamahākāvya
Raghuvaṃśa
- タイトル読み
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रघु वंश महा काव्यम् : महोपाध्याय मल्लिनाथ विरचित "सञ्जीविनी" व्याख्या विभूषित "इन्दुमती" संस्कृत हिन्दी व्याख्या व्युत्पत्ति कोश पर्यालोचन आदि विभूषितम्
Raghuvaṃśamahākāvyam : Mahopādhyāya-Mallināthaviracita "Sañjīvinī" vyākhyā vibhūṣita "Indumatī" Saṃskr̥ta-Hindīvyākhyā-vyutpatti-kośa-paryālocanādivibhūṣitam
- 統一タイトル
大学図書館所蔵 全2件
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3. सर्गःIV:34554802280109,
4. सर्गःIV:34564802280117, 5. सर्गःIV:34574802280125, 6-7. सर्गःIV:34584802280091 -
3. सर्गः891.2/J5590521403776,
4. सर्गः891.2/J5590521403787, 5. सर्गः891.2/J5590521403798
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注記
Descriptions based on 3. सर्गः
Poem
Sanskrit text with commentaries in Sanskrit and Hindi; prefatory matter in Hindi
Sub-commentary "Haripriyā" of 4. सर्गः, 5. सर्गः and 6-7. सर्गात्मकः by लक्ष्मीप्रपन्नाचार्य
Imprint year of 4. सर्गः, 5. सर्गः and 6-7. सर्गात्मकः: 1977
Includes indexes
PUB: Varanasi : The Chowkhamba Sanskrit Series Office