रघुवंशमहाकाव्यम् : "सञ्जीविनी" "सुधा" "इन्दु" व्याख्यात्रयोपेतम्
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रघुवंशमहाकाव्यम् : "सञ्जीविनी" "सुधा" "इन्दु" व्याख्यात्रयोपेतम्
(काशी संस्कृत ग्रन्थमाला, 84 . काव्यविभागे||काव्य विभागे||Kāvyavibhāge ; 12. पुष्पम्)
चौखम्बा संस्कृत सीरीज आफिस, [1---?]
- [प्रथम सर्ग]
- [द्वितोय सर्ग-पञ्चम सर्ग]
- タイトル別名
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रघु वंश महा काव्यम् : "सञ्जीविनी" "सुधा" "इन्दु" व्याख्या त्रय उपेतम्
रघुवंशमहाकाव्यम् : सञ्जीविनी-सुधा-इन्दु-टीकात्रयोपेतम्
रघु वंश महा काव्यम् : सञ्जीविनी सुधा इन्दु टीका त्रय उपेतम्
Raghuvaṃśamahākāvya
काव्य विभागे
Kāvyavibhāga
- タイトル読み
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रघु वंश महा काव्यम् : "सञ्जीविनी" "सुधा" "इन्दु" व्याख्या त्रय उपेतम्
Raghuvaṃśamahākāvyam :"Sañjīvinī" "Sudhā" "Indu" vyākhyātrayopetam
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注記
Paging of [प्रथम सर्ग]: 3, 80 p.
Paging of [द्वितोय सर्ग-पञ्चम सर्ग]: 3, 64, 60, 64, 72 p.
Sanskrit text with commentaries in Sanskrit or Hindi; prefatory matter in Hindi
PUB: Vārāṇasī : Caukhambā Saṃskr̥ta Sīrīja Āphisa
