किरातार्जुनीयम् : समालोचनात्मक भूमिका, संस्कृत-हिन्दीव्याख्या, भावार्थ, हिन्दी अनुवाद सहित : प्रथम-द्वितीयसर्गात्मकम्
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किरातार्जुनीयम् : समालोचनात्मक भूमिका, संस्कृत-हिन्दीव्याख्या, भावार्थ, हिन्दी अनुवाद सहित : प्रथम-द्वितीयसर्गात्मकम्
(विद्याभवन संस्कृत ग्रन्थमाला, 146)
चौखम्बा विद्याभवन, 200-
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किरातार्जुनीयम् : अन्वय–व्याख्या–कोश–व्याकरण–समासच्छन्दोऽलङ्कारैरलङ्कृतया विजयाभिधया संस्कृतटीकया हिन्दी-भाषानुवादेन च संवलितम् / भारविप्रणीतं ; व्याख्याकार, ब्रह्मानन्द त्रिपाठी
Kirātārjunīya of Bhāravi
- Title Transcription
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किरात अर्जुनीयम् : समालोचः आत्मक भूमिका, संस्कृत हिन्दी व्याख्या, भावार्थ, हिन्दी अनुवाद सहित : प्रथम-द्वितीय सर्गात्मकम्
Kirātārjunīyam : samālocanātmaka bhūmikā, Saṃskr̥ta-Hindīvyākhyā, bhāvārtha, Hindī anuvāda sahita : prathama-dvitīyasargātmakam
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Combined with: 1. सर्ग (पुनमुद्रित, 2003) and 2. सर्गा (2005)
2. सर्गा have parent bibliography: विद्याभवन संस्कृत ग्रन्थमाला||विद्याभवन संस्कृत ग्रन्थ माला||Vidyābhavana Saṃskr̥ta granthamālā <BA1050112X> 20
